
दुर्ग : दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) की अध्यक्षता में रेंज स्तरीय दोषमुक्ति प्रकरणों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक दुर्ग रेंज कार्यालय के सभागार में संपन्न हुई, जिसमें दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिलों के 270 से अधिक मामलों की गहन समीक्षा की गई।
गंभीर अपराधों पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान महिला एवं बाल अपराध, पॉक्सो अधिनियम, हत्या और हत्या के प्रयास, एनडीपीएस सहित अन्य गंभीर अपराधों में दोषमुक्ति के कारणों पर विस्तार से चर्चा हुई। पुलिस महानिरीक्षक ने विवेचना की गुणवत्ता में सुधार, अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर समन्वय तथा दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

आदतन अपराधियों पर सख्ती के निर्देश
आईजी रामगोपाल गर्ग ने स्पष्ट कहा कि समाज में भय का माहौल पैदा करने वाले आदतन अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने जमानत पर छूटे अपराधियों के दोबारा अपराध में संलिप्त पाए जाने पर जमानत निरस्तीकरण के लिए शीघ्र न्यायालयीन पहल करने और उनकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अभियोजन और पुलिस के समन्वय पर जोर
बैठक में विवेचना और अभियोजन के बीच त्वरित समन्वय को आवश्यक बताते हुए आईजी ने कहा कि मजबूत केस डायरी और साक्ष्यों की समय पर प्रस्तुति से दोषसिद्धि की संभावना बढ़ाई जा सकती है।

ये अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में संयुक्त संचालक अभियोजन दुर्ग एस.एस. ध्रुव, उप निदेशक अभियोजन बालोद अनुरेखा सिंह, उप निदेशक अभियोजन बेमेतरा आशीष कुमार सिन्हा, लोक अभियोजक विनय अग्रवाल, लोक अभियोजक दुर्ग सुनील चौरसिया सहित दुर्ग, बालोद और बेमेतरा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पदमश्री तंवर, ज्योति सिंह, मोनिका ठाकुर, डीएसपी शिल्पा साहू, उप निरीक्षक राम कुमार प्रधान, डाटा एंट्री ऑपरेटर तेजस्वी गौतम एवं पुलिस पीआरओ प्रशांत कुमार शुक्ला शामिल थे।














